अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
इन्हहि देखि बिधि मनु अनुरागा। पटतर जोग बनावै लागा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइन्हें देखकर विधाताका मन अनुरक्त (मुग्ध) हो गया, तब वह भी इन्हींकी उपमाके योग्य दूसरे स्त्री-पुरुष बनाने लगा। उसने बहुत परिश्रम किया, परन्तु कोई उसकी अटकलमें ही नहीं आये (पूरे नहीं उतरे)। इसी ईष्र्याके मारे उसने इनको जंगलमें लाकर छिपा दिया है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 443 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
इन्हहि देखि बिधि मनु अनुरागा। पटतर जोग बनावै लागा।।
कीन्ह बहुत श्रम ऐक न आए। तेहिं इरिषा बन आनि दुराए।।
स्रोत अभिलेख 2.12 · पुस्तक पृ. 443, 444
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 इन्हहि देखि बिधि मनु अनुरागा। पटतर जोग बनावै लागा।।
English explanation
Seeing them, Brahma’s heart became enamored of their beauty, and he began creating beings worthy of comparison with them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इन्हहि | इन्हीं को | these very travelers |
| देखि | देखकर | on seeing |
| बिधि | ब्रह्मा का | Brahma’s |
| मनु | मन | heart; mind |
| अनुरागा | अनुरक्त हुआ | became enamored |
| पटतर | तुलना | comparison; match |
| जोग | के योग्य | worthy of |
| बनावै | बनाने | to create |
| लागा | लगे | began |
2 कीन्ह बहुत श्रम ऐक न आए। तेहिं इरिषा बन आनि दुराए।।
English explanation
Brahma labored greatly, but not even one creation matched them; out of that envy, he brought them into the forest and hid them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीन्ह | किया | did; undertook |
| बहुत | बहुत | much |
| श्रम | परिश्रम | labor |
| ऐक | एक भी | even one |
| न | नहीं | not |
| आए | बराबरी में आए | came to equal them |
| तेहिं | उसी | that very |
| इरिषा | ईर्ष्या से | out of envy |
| बन | वन में | in the forest |
| आनि | लाकर | having brought |
| दुराए | छिपा दिया | hid them |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 443
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 443, 444
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।