अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जब सिय कानन देखि डेराई। कहेहु मोरि सिख अवसरु पाई।।
मूल पाठ
जब सिय कानन देखि डेराई। कहेहु मोरि सिख अवसरु पाई।।
सासु ससुर अस कहेउ सँदेसू। पुत्रि फिरिअ बन बहुत कलेसू।।
स्रोत अभिलेख 2.82 · पुस्तक पृ. 411, 412
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब सीता वनको देखकर डरें, तब मौका पाकर मेरी यह सीख उनसे कहना कि तुम्हारे सास और ससुरने ऐसा सन्देश कहा है कि हे पुत्री! तुम लौट चलो, वनमें बहुत क्लेश हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 411 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जब सिय कानन देखि डेराई। कहेहु मोरि सिख अवसरु पाई।।
English explanation
When Sita becomes frightened on seeing the forest, find an opportunity to convey my counsel to her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| सिय | सीता | Sita |
| कानन | वन | the forest |
| देखि | देखकर | on seeing |
| डेराई | डरें | becomes frightened |
| कहेहु | कहना | tell her |
| मोरि | मेरी | my |
| सिख | सीख; सलाह | counsel |
| अवसरु | अवसर | an opportunity |
| पाई | पाकर | having found |
2 सासु ससुर अस कहेउ सँदेसू। पुत्रि फिरिअ बन बहुत कलेसू।।
English explanation
‘Your mother-in-law and father-in-law have sent this message: Daughter, please return; the forest holds much hardship.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सासु | सास | mother-in-law |
| ससुर | ससुर | father-in-law |
| अस | ऐसा; यह | this |
| कहेउ | कहा है | have said |
| सँदेसू | संदेश | message |
| पुत्रि | हे बेटी | dear daughter |
| फिरिअ | लौट आओ | please return |
| बन | वन में | in the forest |
| बहुत | बहुत | much |
| कलेसू | कष्ट | hardship |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 411
- सहायक विषय
- श्रीराम-सीता-लक्ष्मणका वनगमन और नगर-निवासियोंको सोये छोड़कर आगे बढ़ना
- मुद्रित पृष्ठ
- 411, 412
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।