अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जब लगि जिऔं कहउँ कर जोरी। तब लगि जनि कछु कहसि बहोरी।।
मूल पाठ
जब लगि जिऔं कहउँ कर जोरी। तब लगि जनि कछु कहसि बहोरी।।
फिरि पछितैहसि अंत अभागी। मारसि गाइ नहारु लागी।।
स्रोत अभिलेख 2.36 · पुस्तक पृ. 373, 374
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं हाथ जोड़कर कहता हूँ कि जबतक मैं जीता रहूँ, तबतक फिर कुछ न कहना (अर्थात् मुझसे न बोलना)। अरी अभागिनी! फिर तू अन्तमें पछतायेगी जो तू नहारू (ताँत) के लिये गायको मार रही है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 374 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जब लगि जिऔं कहउँ कर जोरी। तब लगि जनि कछु कहसि बहोरी।।
English explanation
With folded hands I say: as long as I live, do not say anything again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | while |
| लगि | तक | as long as |
| जिऔं | मैं जीवित रहूँ | I remain alive |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| कर | हाथ | hands |
| जोरी | जोड़कर | having folded |
| तब | तब | then |
| लगि | तक | until then |
| जनि | मत | do not |
| कछु | कुछ | anything |
| कहसि | तुम कहना | you say |
| बहोरी | फिर | again |
2 फिरि पछितैहसि अंत अभागी। मारसि गाइ नहारु लागी।।
English explanation
Unfortunate woman, you will regret this in the end: you kill the cow and attach yourself to a tiger.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरि | फिर | later |
| पछितैहसि | तुम पछताओगी | you will regret |
| अंत | अंत में | in the end |
| अभागी | हे अभागी | O unfortunate woman |
| मारसि | तुम मारती हो | you kill |
| गाइ | गाय को | the cow |
| नहारु | बाघ से | to a tiger |
| लागी | लगाव करती हो | attach yourself |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 374
- सहायक विषय
- दशरथ-कैकेयी-संवाद और दशरथ-शोक, सुमन्त्रका महलमें जाना और वहाँसे लौटकर श्रीरामजीको महलमें भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 373, 374
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।