अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जब जब रामु अवध सुधि करहीं। तब तब बारि बिलोचन भरहीं।।
मूल पाठ
जब जब रामु अवध सुधि करहीं। तब तब बारि बिलोचन भरहीं।।
सुमिरि मातु पितु परिजन भाई। भरत सनेहु सीलु सेवकाई।।
स्रोत अभिलेख 2.141 · पुस्तक पृ. 460, 461
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब-जब श्रीरामचन्द्रजी अयोध्याकी याद करते हैं,तब-तब उनके नेत्रोंमें जल भर आता है। माता-पिता, कुटुम्बियों और भाइयों तथा भरतके प्रेम, शील और सेवाभावको याद करके—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 461 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जब जब रामु अवध सुधि करहीं। तब तब बारि बिलोचन भरहीं।।
English explanation
Whenever Rama remembers Ayodhya, his eyes fill with tears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| जब | जब भी | whenever |
| रामु | राम | Rama |
| अवध | अयोध्या की | of Ayodhya |
| सुधि | याद | remembrance |
| करहीं | करते हैं | calls to mind |
| तब | तब | then |
| तब | हर बार | each time |
| बारि | जल, यहाँ आँसू | water, here tears |
| बिलोचन | नेत्र | eyes |
| भरहीं | भर जाते हैं | fill |
2 सुमिरि मातु पितु परिजन भाई। भरत सनेहु सीलु सेवकाई।।
English explanation
Remembering his mother, father, family and brothers, and Bharata’s affection, noble character and service—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमिरि | याद करके | remembering |
| मातु | माता | mother |
| पितु | पिता | father |
| परिजन | परिवार के लोग | family members |
| भाई | भाई | brothers |
| भरत | भरत का | Bharata’s, Rama’s brother’s |
| सनेहु | स्नेह | affection |
| सीलु | सदाचार और सौम्य स्वभाव | noble and gentle character |
| सेवकाई | सेवा | service |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.141
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 461
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 460, 461
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।