अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चले निषाद जोहारि जोहारी। सूर सकल रन रूचइ रारी।।
मूल पाठ
चले निषाद जोहारि जोहारी। सूर सकल रन रूचइ रारी।।
सुमिरि राम पद पंकज पनहीं। भाथीं बाँधि चढ़ाइन्हि धनहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.191 · पुस्तक पृ. 501, 502
भावार्थ
मूल पाठ के बादनिषादराजको जोहार कर-करके सब निषाद चले। सभी बड़े शूरवीर हैं और संग्राममें लडऩा उन्हें बहुत अच्छा लगता है। श्रीरामचन्द्रजीके चरणकमलोंकी जूतियोंका स्मरण करके उन्होंने भाथियाँ (छोटे-छोटे तरकस) बाँधकर धनुहियों (छोटे-छोटे धनुषों)-पर प्रत्यञ्चा चढ़ायीं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 501 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चले निषाद जोहारि जोहारी। सूर सकल रन रूचइ रारी।।
English explanation
The Nishadas set out after exchanging salutations. All were brave and delighted in combat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चल पड़े | set out |
| निषाद | निषाद समुदाय के योद्धा | Nishada warriors |
| जोहारि | जोहार करके | having saluted |
| जोहारी | एक-दूसरे को जोहार | salutations to one another |
| सूर | शूरवीर | brave warriors |
| सकल | सभी | all |
| रन | रण में | in battle |
| रूचइ | प्रिय लगती है | is pleasing |
| रारी | लड़ाई | combat |
2 सुमिरि राम पद पंकज पनहीं। भाथीं बाँधि चढ़ाइन्हि धनहीं।।
English explanation
Remembering Rama’s lotus feet, they put on shoes, fastened their quivers, and strung their bows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमिरि | स्मरण करके | remembering |
| राम | भगवान राम के | of Rama |
| पद | चरण | feet |
| पंकज | कमल | lotuses |
| पनहीं | जूतियाँ | shoes |
| भाथीं | तरकस | quivers |
| बाँधि | बाँधकर | having fastened |
| चढ़ाइन्हि | प्रत्यंचाएँ चढ़ाईं | strung |
| धनहीं | धनुषों पर | on their bows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.191
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 501
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 501, 502
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