अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अँगरी पहिरि कूँड़ि सिर धरहीं। फरसा बाँस सेल सम करहीं।।
मूल पाठ
अँगरी पहिरि कूँड़ि सिर धरहीं। फरसा बाँस सेल सम करहीं।।
एक कुसल अति ओड़न खाँड़े। कूदहि गगन मनहुँ छिति छाँड़े।।
स्रोत अभिलेख 2.191 · पुस्तक पृ. 501, 502
भावार्थ
मूल पाठ के बादकवच पहनकर सिरपर लोहेका टोप रखते हैं और फरसे, भाले तथा बरछोंको सीधा कर रहे हैं (सुधार रहे हैं)। कोई तलवारके वार रोकनेमें अत्यन्त ही कुशल हैं। वे ऐसे उमंगमें भरे हैं मानो धरती छोड़कर आकाशमें कूद (उछल) रहे हों॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 501 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अँगरी पहिरि कूँड़ि सिर धरहीं। फरसा बाँस सेल सम करहीं।।
English explanation
They put on protective coats and helmets, and ready their axes, bamboo staves, and spears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अँगरी | अंगरखा या रक्षात्मक कोट | protective coat |
| पहिरि | पहनकर | having put on |
| कूँड़ि | टोप या शिरस्त्राण | helmet |
| सिर | सिर पर | on the head |
| धरहीं | रखते हैं | place |
| फरसा | फरसे | battle-axes |
| बाँस | बाँस के दंड | bamboo staves |
| सेल | भाले | spears |
| सम | तैयार, व्यवस्थित | ready; in order |
| करहीं | करते हैं | make |
2 एक कुसल अति ओड़न खाँड़े। कूदहि गगन मनहुँ छिति छाँड़े।।
English explanation
Some are highly skilled with shields and swords; they leap into the air as though they have left the earth behind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | कुछ योद्धा | some warriors |
| कुसल | कुशल | skilled |
| अति | अत्यंत | very |
| ओड़न | ढाल चलाने में | in handling shields |
| खाँड़े | तलवार चलाने में | in wielding swords |
| कूदहि | कूदते हैं | leap |
| गगन | आकाश में | into the air |
| मनहुँ | मानो | as though |
| छिति | धरती | the earth |
| छाँड़े | छोड़ दी हो | had left behind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.191
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 501
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 501, 502
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।