अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चंदन अगर भार बहु आए। अमित अनेक सुगंध सुहाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दचन्दन और अगरके तथा और भी अनेकों प्रकारके अपार [कपूर, गुग्गुल, केसर आदि] सुगन्ध-द्रव्योंके बहुत-से बोझ आये। सरयूजीके तटपर सुन्दर चिता रचकर बनायी गयी, [जो ऐसी मालूम होती थी] मानो स्वर्गकी सुन्दर सीढ़ी हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 484 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चंदन अगर भार बहु आए। अमित अनेक सुगंध सुहाए।।
सरजु तीर रचि चिता बनाई। जनु सुरपुर सोपान सुहाई।।
स्रोत अभिलेख 2.17 · पुस्तक पृ. 484, 485
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चंदन अगर भार बहु आए। अमित अनेक सुगंध सुहाए।।
English explanation
Many loads of sandalwood and agarwood arrived, along with countless varieties of pleasing aromatic materials.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चंदन | चंदन की लकड़ी | sandalwood |
| अगर | अगर की सुगंधित लकड़ी | fragrant agarwood |
| भार | बोझ | loads |
| बहु | बहुत-से | many |
| आए | आए | arrived |
| अमित | असंख्य | countless |
| अनेक | अनेक प्रकार के | of many kinds |
| सुगंध | सुगंधित पदार्थ | aromatic materials |
| सुहाए | मनोहर | pleasing |
2 सरजु तीर रचि चिता बनाई। जनु सुरपुर सोपान सुहाई।।
English explanation
A funeral pyre was carefully built on the bank of the Sarayu, like a beautiful stairway to heaven.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरजु | सरयू नदी के | of the Sarayu River |
| तीर | तट पर | on the bank |
| रचि | सजाकर | carefully arranging |
| चिता | दाह की चिता | funeral pyre |
| बनाई | बनाई गई | was built |
| जनु | मानो | as though |
| सुरपुर | देवताओं के नगर, स्वर्ग की | to heaven, the city of the gods |
| सोपान | सीढ़ी | stairway |
| सुहाई | सुंदर | beautiful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 484
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 484, 485
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।