अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नृपतनु बेद बिदित अन्हवावा। परम बिचित्र बिमानु बनावा।।
मूल पाठ
नृपतनु बेद बिदित अन्हवावा। परम बिचित्र बिमानु बनावा।।
गहि पद भरत मातु सब राखी। रहीं रानि दरसन अभिलाषी।।
स्रोत अभिलेख 2.17 · पुस्तक पृ. 484, 485
भावार्थ
मूल पाठ के बादवेदोंमें बतायी हुई विधिसे राजाकी देहको स्नान कराया गया और परम विचित्र विमान बनाया गया। भरतजीने सब माताओंको चरण पकड़कर रखा (अर्थात् प्रार्थना करके उनको सती होनेसे रोक लिया)। वे रानियाँ भी [श्रीरामके] दर्शनकी अभिलाषासे रह गयीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 484 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 नृपतनु बेद बिदित अन्हवावा। परम बिचित्र बिमानु बनावा।।
English explanation
AI draft: King Dasharatha’s body was bathed according to the Vedic procedure, and a most splendid funeral bier was made.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृपतनु | राजा दशरथ का शरीर | King Dasharatha’s body |
| बेद | वेदों में | in the Vedas |
| बिदित | बताई हुई विधि के अनुसार | according to the prescribed procedure |
| अन्हवावा | स्नान कराया | had bathed |
| परम | अत्यंत | most |
| बिचित्र | सुंदर और विशिष्ट | splendid and elaborate |
| बिमानु | शव ले जाने का विमान | funeral bier |
| बनावा | बनाया | made |
2 गहि पद भरत मातु सब राखी। रहीं रानि दरसन अभिलाषी।।
English explanation
Bharata clasped all his mothers’ feet and persuaded them to remain. The queens stayed, longing for a sight of Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | पकड़कर | having clasped |
| पद | चरण | feet |
| भरत | दशरथ के पुत्र भरत ने | Bharata, Dasharatha’s son |
| मातु | माताओं को | his mothers |
| सब | सभी | all |
| राखी | रोक लिया | persuaded to remain |
| रहीं | रह गईं | remained |
| रानि | रानियाँ | the queens |
| दरसन | राम के दर्शन की | for a sight of Rama |
| अभिलाषी | इच्छुक | longing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 484
- सहायक विषय
- वसिष्ठ-भरत-संवाद, श्रीरामजीको लानेके लिये चित्रकूट जानेकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 484, 485
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।