अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गारीं सकल कैकइहि देहीं। नयन बिहीन कीन्ह जग जेहीं।।
मूल पाठ
गारीं सकल कैकइहि देहीं। नयन बिहीन कीन्ह जग जेहीं।।
एहि बिधि बिलपत रैनि बिहानी। आए सकल महामुनि ग्यानी।।
स्रोत अभिलेख 2.156 · पुस्तक पृ. 473, 473
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब कैकेयीको गालियाँ देते हैं, जिसने संसारभरको बिना नेत्रका (अंधा) कर दिया! इस प्रकार विलाप करते रात बीत गयी। प्रात:काल सब बड़े-बड़े ज्ञानी मुनि आये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 473 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गारीं सकल कैकइहि देहीं। नयन बिहीन कीन्ह जग जेहीं।।
English explanation
Everyone heaps abuse on Kaikeyi, who has left the world bereft of its eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गारीं | गालियाँ | abusive words |
| सकल | सभी | everyone |
| कैकइहि | कैकेयी को | to Kaikeyi, Dasharatha’s queen |
| देहीं | देते हैं | give |
| नयन | नेत्रों से | of eyes |
| बिहीन | विहीन | bereft |
| कीन्ह | कर दिया | made |
| जग | जगत को | the world |
| जेहीं | जिसने | who |
2 एहि बिधि बिलपत रैनि बिहानी। आए सकल महामुनि ग्यानी।।
English explanation
The night passed amid such lamentation; all the wise great sages arrived.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| बिलपत | विलाप करते हुए | while lamenting |
| रैनि | रात | the night |
| बिहानी | बीत गई | passed |
| आए | आए | arrived |
| सकल | सभी | all |
| महामुनि | महान मुनि | great sages |
| ग्यानी | ज्ञानी | wise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.156
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 473
- सहायक विषय
- मुनि वसिष्ठका भरतजीको बुलानेके लिये दूत भेजना
- मुद्रित पृष्ठ
- 473, 473
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