अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोसलपति गति सुनि जनकौरा। भे सब लोक सोक बस बौरा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअयोध्यानाथकी गति (दशरथजीका मरण) सुनकर जनकपुरवासी सभी लोग शोकवश बावले हो गये (सुध-बुध भूल गये)। उस समय जिन्होंने विदेहको [शोकमग्न] देखा, उनमेंसे किसीको ऐसा न लगा कि उनका विदेह (देहाभिमानरहित) नाम सत्य है! [क्योंकि देहाभिमानसे शून्य पुरुषको शोक कैसा?]॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 569 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कोसलपति गति सुनि जनकौरा। भे सब लोक सोक बस बौरा।।
जेहिं देखे तेहि समय बिदेहू। नामु सत्य अस लाग न केहू।।
स्रोत अभिलेख 2.271 · पुस्तक पृ. 569, 570
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कोसलपति गति सुनि जनकौरा। भे सब लोक सोक बस बौरा।।
English explanation
AI-draft meaning: Hearing of King Dasharatha of Kosala’s death, everyone at Janaka’s court became distraught with grief.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोसलपति | कोसल के राजा दशरथ की | of Dasharatha, king of Kosala |
| गति | मृत्यु का समाचार | news of death |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| जनकौरा | जनक के दरबार में | at Janaka’s court |
| भे | हो गए | became |
| सब | सभी | all |
| लोक | लोग | people |
| सोक | शोक के | of grief |
| बस | वश में | under the sway |
| बौरा | बावले | distraught |
2 जेहिं देखे तेहि समय बिदेहू। नामु सत्य अस लाग न केहू।।
English explanation
No one who saw King Janaka then felt that his name ‘Videha’—one beyond bodily attachment—held true.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहिं | जिसने भी | whoever |
| देखे | देखा | saw |
| तेहि | उस | that |
| समय | समय | time |
| बिदेहू | विदेह राजा जनक को | King Janaka, called Videha |
| नामु | नाम | name |
| सत्य | सार्थक | true to its meaning |
| अस | ऐसा | so |
| लाग | लगा | seemed |
| न | नहीं | not |
| केहू | किसी को भी | to anyone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.271
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 569
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरतादिका संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 569, 570
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।