अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कीरति बिधु तुम्ह कीन्ह अनूपा। जहँ बस राम पेम मृगरूपा।।
मूल पाठ
कीरति बिधु तुम्ह कीन्ह अनूपा। जहँ बस राम पेम मृगरूपा।।
तात गलानि करहु जियँ जाएँ। डरहु दरिद्रहि पारसु पाएँ।।।।
स्रोत अभिलेख 2.21 · पुस्तक पृ. 517, 518
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[परन्तु उनसे भी बढ़कर] तुमने कीॢतरूपी अनुपम चन्द्रमाको उत्पन्न किया, जिसमें श्रीरामप्रेम ही हिरनके [चिह्नके] रूपमें बसता है। हे तात! तुम व्यर्थ ही हृदयमें ग्लानि कर रहे हो। पारस पाकर भी तुम दरिद्रतासे डर रहे हो!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 517 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कीरति बिधु तुम्ह कीन्ह अनूपा। जहँ बस राम पेम मृगरूपा।।
English explanation
AI draft: You have made your fame an incomparable moon, in which love for Rama dwells as a deer.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीरति | कीर्ति; यश | fame; renown |
| बिधु | चंद्रमा | moon |
| तुम्ह | तुमने | you |
| कीन्ह | बनाया | made |
| अनूपा | अनुपम | incomparable |
| जहँ | जिसमें | in which |
| बस | बसता है | dwells |
| राम | राम के प्रति | for Rama |
| पेम | प्रेम | love |
| मृगरूपा | मृग के रूप में | in the form of a deer |
2 तात गलानि करहु जियँ जाएँ। डरहु दरिद्रहि पारसु पाएँ।।।।
English explanation
Dear son, you feel remorse in your heart needlessly; it is like fearing poverty even after obtaining the philosopher’s stone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | तात; प्रिय पुत्र | dear son |
| गलानि | ग्लानि; आत्मखेद | remorse; self-reproach |
| करहु | करते हो | you feel |
| जियँ | हृदय में | in your heart |
| जाएँ | व्यर्थ; अकारण | needlessly; without cause |
| डरहु | डरते हो | you fear |
| दरिद्रहि | दरिद्रता से | poverty |
| पारसु | पारस पत्थर | the philosopher’s stone |
| पाएँ | पा लेने पर | after obtaining |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 517
- सहायक विषय
- भरतजीका प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 517, 518
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।