अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कारन कवन भरतु बन जाहीं। है कछु कपट भाउ मन माहीं।।
मूल पाठ
कारन कवन भरतु बन जाहीं। है कछु कपट भाउ मन माहीं।।
जौं पै जियँ न होति कुटिलाई। तौ कत लीन्ह संग कटकाई।।
स्रोत अभिलेख 2.189 · पुस्तक पृ. 499, 500
भावार्थ
मूल पाठ के बादक्या कारण है जो भरत वनको जा रहे हैं, मनमें कुछ कपट-भाव अवश्य है। यदि मनमें कुटिलता न होती, तो साथमें सेना क्यों ले चले हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 500 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कारन कवन भरतु बन जाहीं। है कछु कपट भाउ मन माहीं।।
English explanation
Guha thinks: Why is Bharata going to the forest? There is some deceitful intention in his mind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कारन | कारण से | for a reason |
| कवन | किस | what |
| भरतु | भरत, राम के भाई | Bharata, Rama’s brother |
| बन | वन को | to the forest |
| जाहीं | जा रहे हैं | is going |
| है | है | there is |
| कछु | कुछ | some |
| कपट | छल का | deceitful |
| भाउ | भाव या इरादा | intention |
| मन | मन | the mind |
| माहीं | में | within |
2 जौं पै जियँ न होति कुटिलाई। तौ कत लीन्ह संग कटकाई।।
English explanation
If there were no crooked intent in his heart, why would Bharata have brought an army along?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| पै | ही; शर्त पर बल | indeed; emphasizes the condition |
| जियँ | मन में | in his heart |
| न | न | not |
| होति | होती | were present |
| कुटिलाई | कुटिलता | crooked intent |
| तौ | तो | then |
| कत | क्यों | why |
| लीन्ह | ली | took |
| संग | साथ | along |
| कटकाई | सेना | an army |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.189
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 500
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 499, 500
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।