अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने।।
मूल पाठ
सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने।।
समाचार सब सुने निषादा। हृदयँ बिचार करइ सबिषादा।।
स्रोत अभिलेख 2.189 · पुस्तक पृ. 499, 500
भावार्थ
मूल पाठ के बादरातभर सई नदीके तीरपर निवास करके सबेरे वहाँसे चल दिये और सब शृङ्गवेरपुरके समीप जा पहुँचे। निषादराजने सब समाचार सुने, तो वह दुखी होकर हृदयमें विचार करने लगा—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 499 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: After spending the night on the bank of the Sai River, they set out in the morning, and all drew near Shringaverpur.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सई | सई नदी | the Sai River |
| तीर | तट पर | on the bank |
| बसि | ठहरकर | having stayed |
| चले | चल पड़े | set out |
| बिहाने | सुबह | in the morning |
| सृंगबेरपुर | शृंगवेरपुर, निषादराज गुह का नगर | Shringaverpur, the town of the Nishada chief Guha |
| सब | सभी यात्री | all the travelers |
| निअराने | निकट आ पहुँचे | drew near |
2 समाचार सब सुने निषादा। हृदयँ बिचार करइ सबिषादा।।
English explanation
Guha, the Nishada chief, heard all the news and reflected sorrowfully in his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समाचार | समाचार | the news |
| सब | सारा | all |
| सुने | सुना | heard |
| निषादा | निषादराज गुह ने | Guha, the Nishada chief |
| हृदयँ | हृदय में | in his heart |
| बिचार | विचार | reflection |
| करइ | करते हैं | undertakes |
| सबिषादा | विषाद सहित | with sorrow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.189
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 499
- सहायक विषय
- निषादकी शङ्का और सावधानी
- मुद्रित पृष्ठ
- 499, 500
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।