अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहेउ लेहु सबु तिलक समाजू। बनहिं देब मुनि रामहिं राजू।।
मूल पाठ
कहेउ लेहु सबु तिलक समाजू। बनहिं देब मुनि रामहिं राजू।।
बेगि चलहु सुनि सचिव जोहारे। तुरत तुरग रथ नाग सँवारे।।
स्रोत अभिलेख 2.187 · पुस्तक पृ. 498, 498
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर कहा—तिलकका सब सामान ले चलो। वनमें ही मुनि वसिष्ठजी श्रीरामचन्द्रजीको राज्य देंगे, जल्दी चलो। यह सुनकर मन्त्रियोंने वन्दना की और तुरंत घोड़े, रथ और हाथी सजवा दिये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 498 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कहेउ लेहु सबु तिलक समाजू। बनहिं देब मुनि रामहिं राजू।।
English explanation
Bharata said, ‘Take all the coronation materials. O sage, we shall confer the kingship on Rama in the forest itself.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहेउ | कहा | said |
| लेहु | ले लो | take |
| सबु | सारा | all |
| तिलक | राज्याभिषेक का | for the coronation |
| समाजू | सामग्री और उपकरण | materials and equipment |
| बनहिं | वन में ही | in the forest itself |
| देब | हम देंगे | we shall give |
| मुनि | हे मुनि वसिष्ठ | O sage Vasishtha |
| रामहिं | राम को | to Rama |
| राजू | राज्य; राजपद | kingship |
2 बेगि चलहु सुनि सचिव जोहारे। तुरत तुरग रथ नाग सँवारे।।
English explanation
Hearing ‘Set out quickly,’ the ministers bowed and immediately readied the horses, chariots, and elephants.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| चलहु | चलो | set out |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| सचिव | मंत्रियों ने | the ministers |
| जोहारे | प्रणाम किया | bowed in respect |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| तुरग | घोड़े | horses |
| रथ | रथ | chariots |
| नाग | हाथी | elephants |
| सँवारे | सजाकर तैयार किए | equipped and readied |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.187
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 498
- सहायक विषय
- अयोध्यावासियोंसहित श्रीभरत-शत्रुघ्न आदिका वनगमन
- मुद्रित पृष्ठ
- 498, 498
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।