अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहिं सपेम एक एक पाहीं। रामु लखनु सखि होहिं कि नाहीं।।
मूल पाठ
कहहिं सपेम एक एक पाहीं। रामु लखनु सखि होहिं कि नाहीं।।
बय बपु बरन रूप सोइ आली। सीलु सनेहु सरिस सम चाली।।
स्रोत अभिलेख 2.222 · पुस्तक पृ. 528, 528
भावार्थ
मूल पाठ के बादगाँवोंकी स्त्रियाँ एक-दूसरीसे प्रेमपूर्वक कहती हैं—सखी ! ये राम-लक्ष्मण हैं कि नहीं? हे सखी! इनकी अवस्था, शरीर और रंग-रूप तो वही है। शील, स्नेह उन्हींके सदृश है और चाल भी उन्हींके समान है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 528 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहहिं सपेम एक एक पाहीं। रामु लखनु सखि होहिं कि नाहीं।।
English explanation
They lovingly ask one another, “Friend, are these Rama and Lakshmana or not?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहती हैं | they say |
| सपेम | प्रेम सहित | with affection |
| एक | एक स्त्री | one woman |
| एक | दूसरी स्त्री | another woman |
| पाहीं | के पास; से | to |
| रामु | राम | Rama, the prince of Ayodhya |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| सखि | हे सखी | O friend |
| होहिं | हैं | are they |
| कि | या | or |
| नाहीं | नहीं | not |
2 बय बपु बरन रूप सोइ आली। सीलु सनेहु सरिस सम चाली।।
English explanation
“Friend, their age, build, complexion, and appearance are the same; their character and affection are alike, and so is their gait.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बय | आयु; अवस्था | age |
| बपु | शरीर; कद-काठी | body; build |
| बरन | वर्ण; रंग | complexion |
| रूप | रूप; स्वरूप | appearance |
| सोइ | वही | the same |
| आली | हे सखी | O friend |
| सीलु | शील; सदाचरण | gentle character |
| सनेहु | स्नेह | affection |
| सरिस | समान; वैसा ही | alike; the same |
| सम | समान | the same |
| चाली | चाल; चलने का ढंग | gait |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.222
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 528
- सहायक विषय
- भरतजी चित्रकूटके मार्गमें
- मुद्रित पृष्ठ
- 528, 528
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।