अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहिं एक अति भल नरनाहू। दीन्ह हमहि जोइ लोचन लाहू।।
मूल पाठ
कहहिं एक अति भल नरनाहू। दीन्ह हमहि जोइ लोचन लाहू।।
कहहिं परस्पर लोग लोगाईं। बातें सरल सनेह सुहाईं।।
स्रोत अभिलेख 2.122 · पुस्तक पृ. 445, 445
भावार्थ
मूल पाठ के बादकोई एक कहते हैं कि राजा बहुत ही अच्छे हैं, जिन्होंने हमें अपने नेत्रोंका लाभ दिया। स्त्री- पुरुष सभी आपसमें सीधी, स्नेहभरी सुन्दर बातें कह रहे हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 445 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहहिं एक अति भल नरनाहू। दीन्ह हमहि जोइ लोचन लाहू।।
English explanation
Some say, ‘The king is very good: he has given our eyes this reward—the sight of them.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहते हैं | say |
| एक | कुछ लोग | some people |
| अति | बहुत | very |
| भल | अच्छे | good |
| नरनाहू | मनुष्यों के स्वामी, राजा | the king, lord of men |
| दीन्ह | दिया | gave |
| हमहि | हमें | to us |
| जोइ | जिन्होंने ही | who indeed |
| लोचन | आँखों का | for the eyes |
| लाहू | लाभ, दर्शन का सुख | reward, the delight of seeing them |
2 कहहिं परस्पर लोग लोगाईं। बातें सरल सनेह सुहाईं।।
English explanation
The men and women exchange simple, affectionate, delightful words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहते हैं | speak |
| परस्पर | आपस में | with one another |
| लोग | पुरुष | men |
| लोगाईं | स्त्रियाँ | women |
| बातें | बातें | words |
| सरल | सरल, निष्कपट | simple, sincere |
| सनेह | स्नेहभरी | affectionate |
| सुहाईं | सुहावनी | delightful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.122
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 445
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 445, 445
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।