अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गाँव गाँव अस होइ अनंदू। देखि भानुकुल कैरव चंदू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसूर्यकुलरूपी कुमुदिनीके प्रफुल्लित करनेवाले चन्द्रमास्वरूप श्रीरामचन्द्रजीके दर्शनकर गाँव- गाँवमें ऐसा ही आनन्द हो रहा है। जो लोग [वनवास दिये जानेका] कुछ भी समाचार सुन पाते हैं, वे राजा-रानी [दशरथ-कैकेयी] को दोष लगाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 445 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गाँव गाँव अस होइ अनंदू। देखि भानुकुल कैरव चंदू।।
जे कछु समाचार सुनि पावहिं। ते नृप रानिहि दोसु लगावहिं।।
स्रोत अभिलेख 2.122 · पुस्तक पृ. 445, 445
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गाँव गाँव अस होइ अनंदू। देखि भानुकुल कैरव चंदू।।
English explanation
Village after village rejoices in this way on seeing Rama, the moon to the water-lily of the solar dynasty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गाँव | गाँव | village |
| गाँव | गाँव; प्रत्येक गाँव में | village; in every village |
| अस | ऐसा | such |
| होइ | होता है | arises |
| अनंदू | आनंद | joy |
| देखि | देखकर | on seeing |
| भानुकुल | सूर्यवंश | the solar dynasty |
| कैरव | कुमुद, रात में खिलने वाला जलपुष्प | night-blooming water-lily |
| चंदू | चंद्रमा; यहाँ श्रीराम | the moon; here, Rama |
2 जे कछु समाचार सुनि पावहिं। ते नृप रानिहि दोसु लगावहिं।।
English explanation
Those who hear any of the news blame the king and queen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो लोग | those who |
| कछु | कुछ | any |
| समाचार | समाचार | news |
| सुनि | सुन | hear |
| पावहिं | पाते हैं | are able to |
| ते | वे लोग | they |
| नृप | राजा दशरथ को | King Dasharatha |
| रानिहि | रानी कैकेयी को | Queen Kaikeyi |
| दोसु | दोष | blame |
| लगावहिं | लगाते हैं | assign |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.122
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 445
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 445, 445
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।