अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ते पितु मातु धन्य जिन्ह जाए। धन्य सो नगरु जहाँ तें आए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[कहते हैं—] वे माता-पिता धन्य हैं जिन्होंने इन्हें जन्म दिया। वह नगर धन्य है जहाँसे ये आये हैं। वह देश,पर्वत, वन और गाँव धन्य है, और वही स्थान धन्य है जहाँ-जहाँ ये जाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 445 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
ते पितु मातु धन्य जिन्ह जाए। धन्य सो नगरु जहाँ तें आए।।
धन्य सो देसु सैलु बन गाऊँ। जहँ जहँ जाहिं धन्य सोइ ठाऊँ।।
स्रोत अभिलेख 2.122 · पुस्तक पृ. 445, 445
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 ते पितु मातु धन्य जिन्ह जाए। धन्य सो नगरु जहाँ तें आए।।
English explanation
Blessed are the parents who brought them into the world; blessed is the city from which they have come.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ते | वे | those |
| पितु | पिता | fathers |
| मातु | माताएँ | mothers |
| धन्य | धन्य हैं | are blessed |
| जिन्ह | जिन्होंने | who |
| जाए | जन्म दिया | brought them into the world |
| धन्य | धन्य है | blessed is |
| सो | वह | that |
| नगरु | नगर | city |
| जहाँ | जहाँ | where |
| तें | से | from |
| आए | ये आए हैं | they have come |
2 धन्य सो देसु सैलु बन गाऊँ। जहँ जहँ जाहिं धन्य सोइ ठाऊँ।।
English explanation
Blessed are those lands, mountains, forests, and villages; every place they visit is blessed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धन्य | धन्य | blessed |
| सो | वह | that |
| देसु | देश, प्रदेश | land, region |
| सैलु | पर्वत | mountain |
| बन | वन | forest |
| गाऊँ | गाँव | village |
| जहँ | जहाँ | where |
| जहँ | जहाँ; हर उस जगह | where; wherever |
| जाहिं | ये जाते हैं | they go |
| धन्य | धन्य | blessed |
| सोइ | वही | that very |
| ठाऊँ | स्थान | place |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.122
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 445
- सहायक विषय
- यमुनाको प्रणाम, वनवासियोंका प्रेम
- मुद्रित पृष्ठ
- 445, 445
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।