अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि प्रनामु पूँछहिं जेहिं तेही। केहि बन लखनु रामु बैदेही।।
मूल पाठ
करि प्रनामु पूँछहिं जेहिं तेही। केहि बन लखनु रामु बैदेही।।
ते प्रभु समाचार सब कहहीं। भरतहि देखि जनम फलु लहहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.224 · पुस्तक पृ. 529, 530
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनमेंसे जिस-तिससे प्रणाम करके पूछते हैं कि लक्ष्मणजी, श्रीरामजी और जानकीजी किस वनमें हैं? वे प्रभुके सब समाचार कहते हैं और भरतजीको देखकर जन्मका फल पाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 530 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 करि प्रनामु पूँछहिं जेहिं तेही। केहि बन लखनु रामु बैदेही।।
English explanation
Bharata bows to whomever he meets and asks, ‘In which forest are Lakshmana, Rama, and Sita?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having offered |
| प्रनामु | प्रणाम | a salutation |
| पूँछहिं | पूछते हैं | asks |
| जेहिं | जिससे भी | whomever |
| तेही | उसी से | that person |
| केहि | किस | which |
| बन | वन में | in the forest |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| रामु | राम | Rama |
| बैदेही | सीता, विदेह की राजकुमारी | Sita, princess of Videha |
2 ते प्रभु समाचार सब कहहीं। भरतहि देखि जनम फलु लहहीं।।
English explanation
Those people tell all the news of Lord Rama and, on seeing Bharata, obtain the fulfillment of their birth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ते | वे लोग | those people |
| प्रभु | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| समाचार | समाचार | news |
| सब | सभी | all |
| कहहीं | बताते हैं | tell |
| भरतहि | भरत को | Bharata |
| देखि | देखकर | on seeing |
| जनम | जन्म का | of their birth |
| फलु | फल; सार्थकता | fruit; fulfillment |
| लहहीं | पाते हैं | obtain |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.224
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 530
- सहायक विषय
- भरतजी चित्रकूटके मार्गमें
- मुद्रित पृष्ठ
- 529, 530
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।