अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि प्रकार गत बासर सोऊ। प्रात नहान लाग सबु कोऊ।।
मूल पाठ
एहि प्रकार गत बासर सोऊ। प्रात नहान लाग सबु कोऊ।।
करि मज्जनु पूजहिं नर नारी। गनप गौरि तिपुरारि तमारी।।
स्रोत अभिलेख 2.273 · पुस्तक पृ. 571, 571
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस तरह वह दिन भी बीत गया। दूसरे दिन प्रात:काल सब कोई स्नान करने लगे। स्नान करके सब नर-नारी गणेशजी, गौरीजी, महादेवजी और सूर्यभगवान्की पूजा करते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 571 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एहि प्रकार गत बासर सोऊ। प्रात नहान लाग सबु कोऊ।।
English explanation
In this way that day too passed. In the morning everyone began to bathe.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| प्रकार | प्रकार से | in manner |
| गत | बीत गया | passed |
| बासर | दिन | day |
| सोऊ | वह भी | that too |
| प्रात | प्रातःकाल | in the morning |
| नहान | स्नान करने | to bathe |
| लाग | लगा | began |
| सबु | सब | every |
| कोऊ | कोई; व्यक्ति | person |
2 करि मज्जनु पूजहिं नर नारी। गनप गौरि तिपुरारि तमारी।।
English explanation
After bathing, the men and women worship Ganesha, Gauri, Shiva, and the sun god.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| मज्जनु | स्नान | bathing |
| पूजहिं | पूजा करते हैं | worship |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
| गनप | गणपति, गणेश | Ganesha, lord of the divine hosts |
| गौरि | गौरी, पार्वती | Gauri, Parvati |
| तिपुरारि | त्रिपुर के शत्रु शिव | Shiva, destroyer of Tripura |
| तमारी | अंधकार के शत्रु सूर्य | the sun, foe of darkness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.273
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 571
- सहायक विषय
- जनकजीका पहुँचना, कोल-किरातादिकी भेंट, सबका परस्पर मिलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 571, 571
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।