अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि दुख दाहँ दहइ दिन छाती। भूख न बासर नीद न राती।।
मूल पाठ
एहि दुख दाहँ दहइ दिन छाती। भूख न बासर नीद न राती।।
एहि कुरोग कर औषधु नाहीं। सोधेउँ सकल बिस्व मन माहीं।।
स्रोत अभिलेख 2.212 · पुस्तक पृ. 519, 520
भावार्थ
मूल पाठ के बादइसी दु:खकी जलनसे निरन्तर मेरी छाती जलती रहती है। मुझे न दिनमें भूख लगती है, न रातको नींद आती है। मैंने मन-ही-मन समस्त विश्वको खोज डाला, पर इस कुरोगकी औषध कहीं नहीं है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 519 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहि दुख दाहँ दहइ दिन छाती। भूख न बासर नीद न राती।।
English explanation
The burning of this grief scorches my heart throughout the day; I have no appetite by day and no sleep at night.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| दुख | दुःख की | of grief |
| दाहँ | जलन से | through the burning |
| दहइ | जलती है | burns |
| दिन | दिन भर | throughout the day |
| छाती | छाती | my chest or heart |
| भूख | भूख | appetite |
| न | नहीं | no |
| बासर | दिन में | by day |
| नीद | नींद | sleep |
| न | नहीं | no |
| राती | रात में | at night |
2 एहि कुरोग कर औषधु नाहीं। सोधेउँ सकल बिस्व मन माहीं।।
English explanation
There is no remedy for this terrible affliction; in my mind I have searched the whole world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| कुरोग | भयंकर रोग | terrible affliction |
| कर | का | for; of |
| औषधु | औषधि | remedy |
| नाहीं | नहीं है | there is none |
| सोधेउँ | मैंने खोजा | I have searched |
| सकल | समस्त | the entire |
| बिस्व | संसार | world |
| मन | मन | mind |
| माहीं | में | within |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.212
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 519
- सहायक विषय
- भरतजीका प्रयाग जाना और भरत-भरद्वाज-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 519, 520
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।