अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहिं प्रतिपालउँ सबु परिवारू। नहिं जानउँ कछु अउर कबारू।।
मूल पाठ
एहिं प्रतिपालउँ सबु परिवारू। नहिं जानउँ कछु अउर कबारू।।
जौ प्रभु पार अवसि गा चहहू। मोहि पद पदुम पखारन कहहू।।
स्रोत अभिलेख 2.1 · पुस्तक पृ. 426, 426
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं तो इसी नावसे सारे परिवारका पालन-पोषण करता हूँ। दूसरा कोई धंधा नहीं जानता। हे प्रभु! यदि तुम अवश्य ही पार जाना चाहते हो तो मुझे पहले अपने चरण-कमल पखारने (धो लेने) के लिये कह दो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 426 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहिं प्रतिपालउँ सबु परिवारू। नहिं जानउँ कछु अउर कबारू।।
English explanation
With this boat I support my whole family; I know no other trade.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहिं | इसी से; इसी नाव से | with this very boat |
| प्रतिपालउँ | मैं पालन करता हूँ | I support |
| सबु | सारा | the whole |
| परिवारू | परिवार | family |
| नहिं | नहीं | not |
| जानउँ | मैं जानता हूँ | I know |
| कछु | कोई | any |
| अउर | दूसरा | other |
| कबारू | काम-धंधा | trade; occupation |
2 जौ प्रभु पार अवसि गा चहहू। मोहि पद पदुम पखारन कहहू।।
English explanation
Lord, if you are determined to cross, ask me to wash your lotus feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौ | यदि | if |
| प्रभु | हे प्रभु | Lord |
| पार | दूसरे किनारे | to the other bank |
| अवसि | अवश्य; निश्चित ही | certainly; definitely |
| गा | जाना | to go |
| चहहू | आप चाहते हैं | you wish |
| मोहि | मुझे | me |
| पद | चरण | feet |
| पदुम | कमल जैसे | lotus-like |
| पखारन | धोने को | to wash |
| कहहू | कहिए | ask; instruct |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 426
- सहायक विषय
- केवटका प्रेम और गङ्गा-पार जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 426, 426
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।