अयोध्याकाण्ड · छंद · छंद
पद कमल धोइ चढ़ाइ नाव न नाथ उतराई चहौं।
मूल पाठ
पद कमल धोइ चढ़ाइ नाव न नाथ उतराई चहौं।
मोहि राम राउरि आन दसरथ सपथ सब साची कहौं॥
बरु तीर मारहुँ लखनु पै जब लगि न पाय पखारिहौं।
तब लगि न तुलसीदास नाथ कृपाल पारु उतारिहौं॥
स्रोत अभिलेख 2.1 · पुस्तक पृ. 426, 426
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! मैं चरणकमल धोकर आपलोगोंको नावपर चढ़ा लूँगा; मैं आपसे कुछ उतराई नहीं चाहता। हे राम! मुझे आपकी दुहाई और दशरथजीकी सौगंध है, मैं सब सच-सच कहता हूँ। लक्ष्मण भले ही मुझे तीर मारें, पर जबतक मैं पैरोंको पखार न लूँगा, तबतक हे तुलसीदासके नाथ! हे कृपालु! मैं पार नहीं उतारूँगा।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 426 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1पद कमल धोइ चढ़ाइ नाव न नाथ उतराई चहौं।
English explanation
After washing your lotus-like feet, I will help you aboard the boat; my lord, I ask for no ferry fare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पद | चरण | feet |
| कमल | कमल-जैसे | lotus-like |
| धोइ | धोकर | having washed |
| चढ़ाइ | चढ़ाकर | having helped aboard |
| नाव | नाव पर | onto the boat |
| न | नहीं | not |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| उतराई | पार उतारने का भाड़ा | ferry fare |
| चहौं | मैं चाहता हूँ | I want |
2मोहि राम राउरि आन दसरथ सपथ सब साची कहौं॥
English explanation
O Rama, I swear by you and by Dasharatha; everything I say is true.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे | to me |
| राम | हे राम | O Rama |
| राउरि | आपकी | your |
| आन | दुहाई; शपथ | solemn oath |
| दसरथ | आपके पिता दशरथ की | by Dasharatha, your father |
| सपथ | शपथ | oath |
| सब | सब बात | everything |
| साची | सच्ची | true |
| कहौं | मैं कहता हूँ | I say |
3बरु तीर मारहुँ लखनु पै जब लगि न पाय पखारिहौं।
English explanation
Even if Lakshmana shoots an arrow at me, until I have washed your feet—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरु | भले ही | even if |
| तीर | तीर | an arrow |
| मारहुँ | मारें | may shoot |
| लखनु | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| पै | परंतु | but |
| जब | जब | when |
| लगि | तक | until |
| न | नहीं | not |
| पाय | आपके पाँव | your feet |
| पखारिहौं | मैं धो लूँगा | I will wash |
4तब लगि न तुलसीदास नाथ कृपाल पारु उतारिहौं॥
English explanation
Until then, O gracious lord, I will not ferry you across—thus Tulsidas presents the boatman’s words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| लगि | तक | until |
| न | नहीं | not |
| तुलसीदास | कवि तुलसीदास | Tulsidas, the poet |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| कृपाल | कृपालु | gracious |
| पारु | दूसरे तट पर | to the other bank |
| उतारिहौं | मैं उतारूँगा | I will ferry across |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 2.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 426
- सहायक विषय
- केवटका प्रेम और गङ्गा-पार जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 426, 426
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।