अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस मोहि सब बिधि भूरि भरोसो। किएँ बिचारु न सोचु खरो सो।।
मूल पाठ
अस मोहि सब बिधि भूरि भरोसो। किएँ बिचारु न सोचु खरो सो।।
आरति मोर नाथ कर छोहू। दुहुँ मिलि कीन्ह ढीठु हठि मोहू।।
स्रोत अभिलेख 2.314 · पुस्तक पृ. 606, 607
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुझे सब प्रकारसे ऐसा बहुत बड़ा भरोसा है। विचार करनेपर तिनकेके बराबर (जरा-सा) भी सोच नहीं रह जाता। मेरी दीनता और स्वामीका स्नेह दोनोंने मिलकर मुझे जबर्दस्ती ढीठ बना दिया है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 607 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अस मोहि सब बिधि भूरि भरोसो। किएँ बिचारु न सोचु खरो सो।।
English explanation
I have deep confidence in this in every respect; upon reflection, that worry has no real ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | such |
| मोहि | मुझे | to me |
| सब | सभी | every |
| बिधि | प्रकार से | in respect |
| भूरि | बहुत, प्रचुर | great, abundant |
| भरोसो | भरोसा | confidence |
| किएँ | करने पर | upon making |
| बिचारु | विचार | reflection |
| न | नहीं | not |
| सोचु | चिंता | worry |
| खरो | सच्चा, वास्तविक | real, well-founded |
| सो | वह | that |
2 आरति मोर नाथ कर छोहू। दुहुँ मिलि कीन्ह ढीठु हठि मोहू।।
English explanation
My distress and my lord's affection have together made me overbold and obstinate.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आरति | व्याकुलता, दुख | distress |
| मोर | मेरी | my |
| नाथ | स्वामी | my lord |
| कर | का | of |
| छोहू | स्नेह, कृपा | affection, tenderness |
| दुहुँ | दोनों ने | both |
| मिलि | मिलकर | together |
| कीन्ह | बना दिया | have made |
| ढीठु | ढीठ, अधिक साहसी | overbold |
| हठि | हठी | obstinate |
| मोहू | मुझे | me |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.314
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 607
- सहायक विषय
- श्रीराम-भरत-संवाद,पादुका-प्रदान, भरतजीकी विदाई
- मुद्रित पृष्ठ
- 606, 607
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।