अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अति लघु बात लागि दुखु पावा। काहुँ न मोहि कहि प्रथम जनावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइस अत्यन्त तुच्छ बातके लिये आपने इतना दु:ख पाया। मुझे किसीने पहले कहकर यह बात नहीं जनायी। स्वामी (आप) को इस दशामें देखकर मैंने मातासे पूछा। उनसे सारा प्रसंग सुनकर मेरे सब अंग शीतल हो गये (मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 381 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अति लघु बात लागि दुखु पावा। काहुँ न मोहि कहि प्रथम जनावा।।
देखि गोसाइँहि पूँछिउँ माता। सुनि प्रसंगु भए सीतल गाता।।
स्रोत अभिलेख 2.45 · पुस्तक पृ. 381, 381
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अति लघु बात लागि दुखु पावा। काहुँ न मोहि कहि प्रथम जनावा।।
English explanation
You suffered over so small a matter; no one told me about it beforehand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | very |
| लघु | छोटी | small |
| बात | बात | matter |
| लागि | के कारण; के लिए | because of; over |
| दुखु | दुख | sorrow |
| पावा | आपने पाया; सहा | you experienced; suffered |
| काहुँ | किसी ने | anyone |
| न | नहीं | not |
| मोहि | मुझे | me |
| कहि | कहकर | by telling |
| प्रथम | पहले | beforehand |
| जनावा | सूचित किया | informed; made known |
2 देखि गोसाइँहि पूँछिउँ माता। सुनि प्रसंगु भए सीतल गाता।।
English explanation
Seeing you, my lord, I asked Mother; hearing the matter, my body became cool and soothed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| गोसाइँहि | आपको, स्वामी पिता को | you, my lord and father |
| पूँछिउँ | मैंने पूछा | I asked |
| माता | माता से | Mother |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| प्रसंगु | बात; सारा प्रसंग | the matter; the circumstances |
| भए | हो गए | became |
| सीतल | शीतल; शांत | cool; soothed |
| गाता | शरीर; अंग | body; limbs |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.45
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 381
- सहायक विषय
- श्रीराम-दशरथ-संवाद, अवध-वासियोंका विषाद, कैकेयीको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 381, 381
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।