अरण्यकाण्ड · दोहा 25 · दोहा/सोरठा
जेहिं ताड़का सुबाहु हति खंडेउ हर कोदंड।।
जेहिं ताड़का सुबाहु हति खंडेउ हर कोदंड।।
खर दूषन तिसिरा बधेउ मनुज कि अस बरिबंड।।25।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 3.25 · पुस्तक पृ. 653, 653
भावार्थ और शब्दार्थ
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1जेहिं ताड़का सुबाहु हति खंडेउ हर कोदंड।।
जिसने ताड़का और सुबाहु को मारकर शिव का धनुष तोड़ दिया—
English explanation
He who killed Tataka and Subahu and broke Shiva’s bow—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहिं | जिसने; राम ने | he who; Rama |
| ताड़का | राक्षसी ताड़का को | Tataka, the demoness |
| सुबाहु | राक्षस सुबाहु को | Subahu, the demon |
| हति | मारकर | having killed |
| खंडेउ | तोड़ दिया | broke |
| हर | शिव का | Shiva’s |
| कोदंड | धनुष | bow |
2 खर दूषन तिसिरा बधेउ मनुज कि अस बरिबंड।।25।।
और खर, दूषण तथा त्रिशिरा को मार डाला—क्या कोई मनुष्य इतना प्रचंड पराक्रमी हो सकता है?
English explanation
And slew Khara, Dushana, and Trishira—could a human be so overwhelmingly mighty?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खर | राक्षस खर को | Khara, the demon |
| दूषन | राक्षस दूषण को | Dushana, the demon |
| तिसिरा | तीन सिरों वाले राक्षस त्रिशिरा को | Trishira, the three-headed demon |
| बधेउ | मार डाला | slew |
| मनुज | मनुष्य | a human |
| कि | क्या | could; is it possible that |
| अस | ऐसा; इतना | so; such |
| बरिबंड | प्रचंड पराक्रमी | overwhelmingly mighty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 25
- स्रोत अभिलेख
- 3.25
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 653, 653
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