अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
निज परम प्रीतम देखि लोचन सुफल करि सुख पाइहौं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[वह मन-ही-मन सोचने लगा] अपने परम प्रियतमको देखकर नेत्रोंको सफल करके सुख पाऊँगा। जानकीजीसहित और छोटे भाई लक्ष्मणजीसमेत कृपानिधान श्रीरामजीके चरणोंमें मन लगाऊँगा। जिनका क्रोध भी मोक्ष देनेवाला है और जिनकी भक्ति उन अवश (किसीके वशमें न होनेवाले स्वतन्त्र भगवान्) को भी वशमें करनेवाली है, अहा! वे ही आनन्दके समुद्र श्रीहरि अपने हाथोंसे बाण सन्धानकर मेरा वध करेंगे!
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 654 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
निज परम प्रीतम देखि लोचन सुफल करि सुख पाइहौं।
श्री सहित अनुज समेत कृपानिकेत पद मन लाइहौं॥
निर्बान दायक क्रोध जा कर भगति अबसहि बसकरी।
निज पानि सर संधानि सो मोहि बधिहि सुखसागर हरी॥
स्रोत अभिलेख 3.26 · पुस्तक पृ. 654, 654
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1निज परम प्रीतम देखि लोचन सुफल करि सुख पाइहौं।
English explanation
Seeing my most beloved, I shall fulfill the purpose of my eyes and find happiness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपने | my own |
| परम | अत्यंत | supremely |
| प्रीतम | प्रियतम राम | beloved Rama |
| देखि | देखकर | having seen |
| लोचन | आँखों को | my eyes |
| सुफल | सार्थक | fulfilled in their purpose |
| करि | करके | having made |
| सुख | आनंद | happiness |
| पाइहौं | मैं पाऊँगा | I shall obtain |
2श्री सहित अनुज समेत कृपानिकेत पद मन लाइहौं॥
English explanation
I shall fix my mind on the feet of Rama, the abode of compassion, accompanied by Sita and his younger brother Lakshmana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्री | सीता | Sita, Rama’s consort |
| सहित | के साथ | accompanied by |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| समेत | साथ लिए | together with |
| कृपानिकेत | कृपा के धाम राम के | of Rama, the abode of compassion |
| पद | चरणों में | at the feet |
| मन | अपना मन | my mind |
| लाइहौं | मैं लगाऊँगा | I shall fix |
3निर्बान दायक क्रोध जा कर भगति अबसहि बसकरी।
English explanation
He whose anger grants liberation, and whom devotion surely brings under its sway—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निर्बान | मोक्ष | liberation |
| दायक | देने वाला | granting |
| क्रोध | क्रोध | anger |
| जा | जिनका | whose |
| कर | का | possessive marker |
| भगति | भक्ति | devotion |
| अबसहि | निश्चय ही | surely |
| बसकरी | वश में करने वाली है | brings him under its sway |
4निज पानि सर संधानि सो मोहि बधिहि सुखसागर हरी॥
English explanation
That very Hari, the ocean of bliss, will aim an arrow with his own hand and slay me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपने | his own |
| पानि | हाथ से | with his hand |
| सर | बाण | an arrow |
| संधानि | साधकर | having aimed |
| सो | वे ही | that very one |
| मोहि | मुझे | me |
| बधिहि | मारेंगे | will slay |
| सुखसागर | सुख के सागर | ocean of bliss |
| हरी | हरि, यहाँ राम | Hari, here Rama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 654
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 654, 654
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।