अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
उर दहेउ कहेउ कि धरहु धाए बिकट भट रजनीचरा।
मूल पाठ
उर दहेउ कहेउ कि धरहु धाए बिकट भट रजनीचरा।
सर चाप तोमर सक्ति सूल कृपान परिघ परसु धरा॥
प्रभु कीन्हि धनुष टकोर प्रथम कठोर घोर भयावहा।
भए बधिर ब्याकुल जातुधान न ग्यान तेहि अवसर रहा॥
स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[खर-दूषणका] हृदय जल उठा। तब उन्होंने कहा—पकड़ लो (कैद कर लो)। [यह सुनकर] भयानक राक्षस योद्धा बाण, धनुष, तोमर, शक्ति (सांँग), शूल (बरछी), कृपाण (कटार), परिघ और फरसा धारण किये हुए दौड़ पड़े। प्रभु श्रीरामजीने पहले धनुषका बड़ा कठोर, घोर और भयानक टङ्कार किया, जिसे सुनकर राक्षस बहरे और व्याकुल हो गये। उस समय उन्हें कुछ भी होश न रहा।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 646 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1उर दहेउ कहेउ कि धरहु धाए बिकट भट रजनीचरा।
English explanation
His heart burned with anger; he said, “Seize him!” The fierce demon warriors rushed forward.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उर | हृदय | heart |
| दहेउ | क्रोध से जल उठा | burned with anger |
| कहेउ | उसने कहा | he said |
| कि | कि—कथन को जोड़ने वाला शब्द | that—introducing the command |
| धरहु | पकड़ लो | seize him |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed forward |
| बिकट | भयंकर | fierce |
| भट | योद्धा | warriors |
| रजनीचरा | रात्रि में विचरने वाले राक्षस | night-roaming demons |
2सर चाप तोमर सक्ति सूल कृपान परिघ परसु धरा॥
English explanation
They bore arrows, bows, javelins, lances, spikes, swords, iron bludgeons, and battle-axes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सर | बाण | arrows |
| चाप | धनुष | bows |
| तोमर | तोमर नामक भाला | javelins |
| सक्ति | शक्ति नामक भाला | lances |
| सूल | शूल, नुकीला भेदन-अस्त्र | spikes or piercing spears |
| कृपान | तलवारें | swords |
| परिघ | लोहे के भारी दंड | heavy iron bludgeons |
| परसु | फरसे | battle-axes |
| धरा | धारण किए हुए | bearing |
3प्रभु कीन्हि धनुष टकोर प्रथम कठोर घोर भयावहा।
English explanation
Lord Rama first sounded his bow with a harsh, tremendous, fearsome twang.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| कीन्हि | की | made |
| धनुष | धनुष की | of the bow |
| टकोर | टंकार | twang |
| प्रथम | पहले | first |
| कठोर | तीखी और कड़ी | harsh and sharp |
| घोर | प्रचंड | tremendous |
| भयावहा | भय उत्पन्न करने वाली | fear-inspiring |
4भए बधिर ब्याकुल जातुधान न ग्यान तेहि अवसर रहा॥
English explanation
The demons became deafened and distraught; at that moment they lost their senses.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भए | हो गए | became |
| बधिर | बहरे | deafened |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| जातुधान | राक्षस | demons |
| न | नहीं | not |
| ग्यान | सुध-बुध | awareness |
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | moment |
| रहा | रही | remained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 646
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।