अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रन चढ़ि करिअ कपट चतुराई। रिपु पर कृपा परम कदराई।।
मूल पाठ
रन चढ़ि करिअ कपट चतुराई। रिपु पर कृपा परम कदराई।।
दूतन्ह जाइ तुरत सब कहेऊ। सुनि खर दूषन उर अति दहेऊ।।
स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ
मूल पाठ के बादरणमें चढ़ आकर कपट-चतुराई करना और शत्रुपर कृपा करना (दया दिखाना) तो बड़ी भारी कायरता है। दूतोंने लौटकर तुरंत सब बातें कहीं, जिन्हें सुनकर खर-दूषणका हृदय अत्यन्त जल उठा॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 646 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रन चढ़ि करिअ कपट चतुराई। रिपु पर कृपा परम कदराई।।
English explanation
Once in battle, deceitful cleverness is not proper; showing mercy to the enemy is utter cowardice.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रन | रण में | into battle |
| चढ़ि | उतरकर | having entered |
| करिअ | किया जाए | should one practice |
| कपट | छल | deceit |
| चतुराई | चतुराई | cleverness |
| रिपु | शत्रु | the enemy |
| पर | पर | toward |
| कृपा | दया | mercy |
| परम | अत्यंत | utter |
| कदराई | कायरता | cowardice |
2 दूतन्ह जाइ तुरत सब कहेऊ। सुनि खर दूषन उर अति दहेऊ।।
English explanation
The messengers returned and immediately reported everything. Hearing it, Khara and Dushana burned fiercely within.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दूतन्ह | दूतों ने | the messengers |
| जाइ | जाकर | having gone |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| सब | सब | everything |
| कहेऊ | कह दिया | reported |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| खर | राक्षस खर | Khara, the demon leader |
| दूषन | राक्षस दूषण | Dushana, the demon leader |
| उर | हृदय | hearts |
| अति | बहुत | intensely |
| दहेऊ | जल उठे | burned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 646
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।