अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जद्यपि मनुज दनुज कुल घालक। मुनि पालक खल सालक बालक।।
मूल पाठ
जद्यपि मनुज दनुज कुल घालक। मुनि पालक खल सालक बालक।।
जौं न होइ बल घर फिरि जाहू। समर बिमुख मैं हतउँ न काहू।।
स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ
मूल पाठ के बादयद्यपि हम मनुष्य हैं, परन्तु दैत्यकुलका नाश करनेवाले और मुनियोंकी रक्षा करनेवाले हैं, हम बालक हैं, परन्तु हैं दुष्टोंको दण्ड देनेवाले। यदि बल न हो तो घर लौट जाओ। संग्राममें पीठ दिखानेवाले किसीको मैं नहीं मारता॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 645 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जद्यपि मनुज दनुज कुल घालक। मुनि पालक खल सालक बालक।।
English explanation
Though human and young, we destroy demon clans, protect sages, and torment the wicked.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जद्यपि | यद्यपि | although |
| मनुज | मनुष्य | human |
| दनुज | राक्षसों के | of demons |
| कुल | कुल का | the clan |
| घालक | नाश करने वाले | destroyers |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| पालक | रक्षक | protectors |
| खल | दुष्टों को | the wicked |
| सालक | पीड़ा देने वाले | tormentors of |
| बालक | बालक | young boys |
2 जौं न होइ बल घर फिरि जाहू। समर बिमुख मैं हतउँ न काहू।।
English explanation
If you lack strength, return home; I do not kill anyone who turns away from battle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| न | नहीं | not |
| होइ | हो | there is |
| बल | बल | strength |
| घर | घर | home |
| फिरि | लौटकर | back |
| जाहू | जाओ | go |
| समर | युद्ध से | from battle |
| बिमुख | विमुख | turned away |
| मैं | मैं | I |
| हतउँ | मारता हूँ | kill |
| न | नहीं | not |
| काहू | किसी को | anyone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 645
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।