अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हम छत्री मृगया बन करहीं। तुम्ह से खल मृग खौजत फिरहीं।।
मूल पाठ
हम छत्री मृगया बन करहीं। तुम्ह से खल मृग खौजत फिरहीं।।
रिपु बलवंत देखि नहिं डरहीं। एक बार कालहु सन लरहीं।।
स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ
मूल पाठ के बादहम क्षत्रिय हैं, वनमें शिकार करते हैं और तुम्हारे-सरीखे दुष्ट पशुओंको तो ढँूढ़ते ही फिरते हैं। हम बलवान् शत्रुको देखकर नहीं डरते। [लडऩेको आवे तो] एक बार तो हम कालसे भी लड़ सकते हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 645 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 हम छत्री मृगया बन करहीं। तुम्ह से खल मृग खौजत फिरहीं।।
English explanation
We are warriors who hunt in the forest, roaming in search of wicked beasts like you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हम | we |
| छत्री | क्षत्रिय | warriors |
| मृगया | शिकार | hunting |
| बन | वन में | in the forest |
| करहीं | करते हैं | do |
| तुम्ह | तुम्हारे | you |
| से | जैसे | like |
| खल | दुष्ट | wicked |
| मृग | मृग रूपी प्राणी | beasts as quarry |
| खौजत | खोजते | seeking |
| फिरहीं | फिरते हैं | roam |
2 रिपु बलवंत देखि नहिं डरहीं। एक बार कालहु सन लरहीं।।
English explanation
We do not fear the sight of a mighty enemy; we would even fight Death itself.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिपु | शत्रु | an enemy |
| बलवंत | बलवान | mighty |
| देखि | देखकर | seeing |
| नहिं | नहीं | not |
| डरहीं | डरते हैं | fear |
| एक | एक | one |
| बार | बार | occasion |
| कालहु | काल से भी | even Death |
| सन | से | with |
| लरहीं | लड़ते हैं | fight |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 645
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।