अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोर कहा तुम्ह ताहि सुनावहु। तासु बचन सुनि आतुर आवहु।।
मूल पाठ
मोर कहा तुम्ह ताहि सुनावहु। तासु बचन सुनि आतुर आवहु।।
दूतन्ह कहा राम सन जाई। सुनत राम बोले मुसकाई।।
स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ
मूल पाठ के बादमेरा यह कथन तुमलोग उसे सुनाओ और उसका वचन (उत्तर) सुनकर शीघ्र आओ। दूतोंने जाकर यह सन्देश श्रीरामचन्द्रजीसे कहा। उसे सुनते ही श्रीरामचन्द्रजी मुसकराकर बोले—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 645 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मोर कहा तुम्ह ताहि सुनावहु। तासु बचन सुनि आतुर आवहु।।
English explanation
Tell him what I have said, and return quickly after hearing his reply.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोर | मेरा | my |
| कहा | कहा हुआ संदेश | spoken message |
| तुम्ह | तुम | you |
| ताहि | उसे | to him |
| सुनावहु | सुनाओ | convey |
| तासु | उसका | his |
| बचन | उत्तर | reply |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| आतुर | शीघ्र | quickly |
| आवहु | लौट आओ | return |
2 दूतन्ह कहा राम सन जाई। सुनत राम बोले मुसकाई।।
English explanation
The messengers went and delivered the message to Rama. On hearing it, Rama smiled and spoke.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दूतन्ह | दूतों ने | the messengers |
| कहा | कहा | said |
| राम | राम से | to Rama |
| सन | से | to |
| जाई | जाकर | having gone |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| राम | राम | Rama |
| बोले | बोले | spoke |
| मुसकाई | मुसकराकर | smiling |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 645
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।