अरण्यकाण्ड · दोहा 19 (क) · दोहा
सावधान होइ धाए जानि सबल आराति।
सावधान होइ धाए जानि सबल आराति।
लागे बरषन राम पर अस्त्र सस्त्र बहुभाँति॥ १९ (क)॥
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सावधान होइ धाए जानि सबल आराति।
सुध सँभालकर, शत्रु को बलवान जानकर वे दौड़ पड़े।
English explanation
Recovering their composure and recognizing their enemy as powerful, they rushed forward.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सावधान | सचेत, सँभले हुए | alert and composed |
| होइ | होकर | having become |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed forward |
| जानि | जानकर | recognizing |
| सबल | बलवान | powerful |
| आराति | शत्रु, अर्थात राम | the enemy, Rama |
2लागे बरषन राम पर अस्त्र सस्त्र बहुभाँति॥ १९ (क)॥
वे राम पर अनेक प्रकार के अस्त्र-शस्त्र बरसाने लगे।
English explanation
They began showering Rama with weapons of many kinds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लागे | लगे | began |
| बरषन | बरसाने | showering |
| राम | राम | Rama, the prince of Ayodhya |
| पर | पर | upon |
| अस्त्र | छोड़े या फेंके जाने वाले हथियार | projectile weapons |
| सस्त्र | हाथ से चलाए जाने वाले हथियार | hand-wielded weapons |
| बहुभाँति | अनेक प्रकार के | of many kinds |
| क | पद-संदर्भ का चिह्न ‘क’ | verse reference marker ‘क’ |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- दोहा 19 (क)
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।