अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लै जानकिहि जाहु गिरि कंदर। आवा निसिचर कटकु भयंकर।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराक्षसोंकी भयानक सेना आ गयी है। जानकीजीको लेकर तुम पर्वतकी कन्दरामें चले जाओ। सावधान रहना। प्रभु श्रीरामचन्द्रजीके वचन सुनकर लक्ष्मणजी हाथमें धनुष-बाण लिये श्रीसीताजीसहित चले॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 644 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
लै जानकिहि जाहु गिरि कंदर। आवा निसिचर कटकु भयंकर।।
रहेहु सजग सुनि प्रभु कै बानी। चले सहित श्री सर धनु पानी।।
स्रोत अभिलेख 3.18 · पुस्तक पृ. 643, 644
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लै जानकिहि जाहु गिरि कंदर। आवा निसिचर कटकु भयंकर।।
English explanation
‘Take Janaki to a mountain cave; the fearsome demon army has arrived.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लै | लेकर | taking |
| जानकिहि | जानकी अर्थात सीता को | Janaki, Sita |
| जाहु | जाओ | go |
| गिरि | पर्वत की | mountain |
| कंदर | गुफा में | to a cave |
| आवा | आ गई है | has arrived |
| निसिचर | राक्षसों की | of demons |
| कटकु | सेना | army |
| भयंकर | भयंकर | fearsome |
2 रहेहु सजग सुनि प्रभु कै बानी। चले सहित श्री सर धनु पानी।।
English explanation
‘Remain vigilant.’ Hearing his lord’s words, Lakshmana departed with Sita, arrows and bow in hand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रहेहु | रहना | remain |
| सजग | सावधान | vigilant |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| प्रभु | प्रभु राम | the lord, Rama |
| कै | की | of |
| बानी | वाणी | words |
| चले | चले | departed |
| सहित | के साथ | with |
| श्री | सीता | Sita |
| सर | बाण | arrows |
| धनु | धनुष | bow |
| पानी | हाथ में | in hand |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 644
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 643, 644
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।