अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि राम रिपुदल चलि आवा। बिहसि कठिन कोदंड चढ़ावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशत्रुओंकी सेना [समीप] चली आयी है, यह देखकर श्रीरामजीने हँसकर कठिन धनुषको चढ़ाया॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 644 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखि राम रिपुदल चलि आवा। बिहसि कठिन कोदंड चढ़ावा।।
स्रोत अभिलेख 3.18 · पुस्तक पृ. 643, 644
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 देखि राम रिपुदल चलि आवा। बिहसि कठिन कोदंड चढ़ावा।।
English explanation
Rama saw the enemy army advancing; smiling, he strung his mighty Kodanda bow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | seeing |
| राम | राम ने | Rama |
| रिपुदल | शत्रुओं की सेना | the enemy army |
| चलि | चलकर | advancing |
| आवा | आ रही थी | was approaching |
| बिहसि | मुस्कराकर | smiling |
| कठिन | कठोर, दृढ़ | stiff and mighty |
| कोदंड | कोदंड धनुष | the Kodanda bow |
| चढ़ावा | प्रत्यंचा चढ़ाई | strung |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 644
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 643, 644
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।