अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पाप उलूक निकर सुखकारी। नारि निबिड़ रजनी अँधिआरी।।
मूल पाठ
पाप उलूक निकर सुखकारी। नारि निबिड़ रजनी अँधिआरी।।
बुधि बल सील सत्य सब मीना। बनसी सम त्रिय कहहिं प्रबीना।।
स्रोत अभिलेख 3.44 · पुस्तक पृ. 676, 677
भावार्थ
मूल पाठ के बादपापरूपी उल्लुओंके समूहके लिये यह स्त्री सुख देनेवाली घोर अन्धकारमयी रात्रि है। बुद्धि, बल, शील और सत्य—ये सब मछलियाँ हैं और उन [को फँसाकर नष्ट करने] के लिये स्त्री बंसीके समान है, चतुर पुरुष ऐसा कहते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 677 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पाप उलूक निकर सुखकारी। नारि निबिड़ रजनी अँधिआरी।।
English explanation
Woman is a densely dark night, bringing delight to the flock of owls that represent sins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पाप | पाप | sins |
| उलूक | उल्लू | owls |
| निकर | समूह | flock |
| सुखकारी | सुख देने वाली | bringing delight |
| नारि | नारी | woman |
| निबिड़ | घनी; गहन | dense; deep |
| रजनी | रात | night |
| अँधिआरी | अँधेरी | dark |
2 बुधि बल सील सत्य सब मीना। बनसी सम त्रिय कहहिं प्रबीना।।
English explanation
Intelligence, strength, good conduct, and truth are all fish; the discerning describe woman as a fishing hook that catches them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बुधि | बुद्धि; विवेक | intelligence; discernment |
| बल | बल | strength |
| सील | शील; सदाचरण | good character and conduct |
| सत्य | सत्य | truth |
| सब | सभी | all |
| मीना | मछलियाँ | fish |
| बनसी | मछली पकड़ने की बंसी | fishing hook and line |
| सम | के समान | like |
| त्रिय | स्त्री | woman |
| कहहिं | कहते हैं | describe; say |
| प्रबीना | जानकार; विवेकी लोग | the discerning; knowledgeable people |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.44
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 677
- सहायक विषय
- नारद-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 676, 677
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।