अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाथ कौसलाधीस कुमारा। आए मिलन जगत आधारा।।
मूल पाठ
नाथ कौसलाधीस कुमारा। आए मिलन जगत आधारा।।
राम अनुज समेत बैदेही। निसि दिनु देव जपत हहु जेही।।
स्रोत अभिलेख 3.12 · पुस्तक पृ. 635, 636
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे नाथ! अयोध्याके राजा दशरथजीके कुमार जगदाधार श्रीरामचन्द्रजी छोटे भाई लक्ष्मणजी और सीताजीसहित आपसे मिलने आये हैं, जिनका हे देव! आप रात-दिन जप करते रहते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 636 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नाथ कौसलाधीस कुमारा। आए मिलन जगत आधारा।।
English explanation
Master, the sons of the king of Kosala have come to meet you—the sustainer of the world is here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे नाथ | O master |
| कौसलाधीस | कोसल के राजा दशरथ के | of Dasharatha, king of Kosala |
| कुमारा | राजकुमार | princes |
| आए | आए हैं | have come |
| मिलन | मिलने | to meet you |
| जगत | जगत के | of the world |
| आधारा | आधार, राम | the sustainer, Rama |
2 राम अनुज समेत बैदेही। निसि दिनु देव जपत हहु जेही।।
English explanation
It is Rama, accompanied by his younger brother and Sita, whose name you chant night and day, revered sir.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| समेत | सहित | together with |
| बैदेही | विदेह की पुत्री सीता | Sita, daughter of the king of Videha |
| निसि | रात | night |
| दिनु | दिन | day |
| देव | हे पूज्य गुरु | O revered teacher |
| जपत | जप करते | chant the name |
| हहु | आप हैं | you do |
| जेही | जिनका | of whom |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 636
- सहायक विषय
- सुतीक्ष्णजीका प्रेम, अगस्त्य-मिलन, अगस्त्य-संवाद, रामका दण्डक-वन-प्रवेश और जटायु-मिलन
- मुद्रित पृष्ठ
- 635, 636
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।