अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जद्यपि प्रभु के नाम अनेका। श्रुति कह अधिक एक तें एका।।
मूल पाठ
जद्यपि प्रभु के नाम अनेका। श्रुति कह अधिक एक तें एका।।
राम सकल नामन्ह ते अधिका। होउ नाथ अघ खग गन बधिका।।
स्रोत अभिलेख 3.42 · पुस्तक पृ. 674, 675
भावार्थ
मूल पाठ के बादयद्यपि प्रभुके अनेकों नाम हैं और वेद कहते हैं कि वे सब एक-से-एक बढ़कर हैं, तो भी हे नाथ! रामनाम सब नामोंसे बढ़कर हो और पापरूपी पक्षियोंके समूहके लिये यह वधिकके समान हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 675 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जद्यपि प्रभु के नाम अनेका। श्रुति कह अधिक एक तें एका।।
English explanation
Although the Lord has many names, and the Vedas declare each more excellent than another,
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जद्यपि | यद्यपि | although |
| प्रभु | प्रभु | the Lord |
| के | के | of |
| नाम | नाम | names |
| अनेका | अनेक | many |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| कह | कहते हैं | declare |
| अधिक | अधिक श्रेष्ठ | more excellent |
| एक | एक | one |
| तें | से | than |
| एका | दूसरा एक | another |
2 राम सकल नामन्ह ते अधिका। होउ नाथ अघ खग गन बधिका।।
English explanation
O Lord, may the name ‘Rama’ excel all names and be the slayer of the flock of birds that represent sins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | ‘राम’ नाम | the name ‘Rama’ |
| सकल | सभी | all |
| नामन्ह | नामों | names |
| ते | से | than |
| अधिका | अधिक श्रेष्ठ | more excellent |
| होउ | हो | may it be |
| नाथ | हे नाथ | O Lord |
| अघ | पापरूपी | sins figured as |
| खग | पक्षी | birds |
| गन | समूह | flock |
| बधिका | वध करने वाला | slayer |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.42
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 675
- सहायक विषय
- नारद-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 674, 675
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