अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुंद कली दाड़िम दामिनी। कमल सरद ससि अहिभामिनी।।
मूल पाठ
कुंद कली दाड़िम दामिनी। कमल सरद ससि अहिभामिनी।।
बरुन पास मनोज धनु हंसा। गज केहरि निज सुनत प्रसंसा।।
स्रोत अभिलेख 3.3 · पुस्तक पृ. 660, 662
भावार्थ
मूल पाठ के बादकुन्दकली, अनार, बिजली, कमल, शरद्का चन्द्रमा और नागिनी, वरुणका पाश, कामदेवका धनुष, हंस, गज और सिंह—ये सब आज अपनी प्रशंसा सुन रहे हैं॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 661 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कुंद कली दाड़िम दामिनी। कमल सरद ससि अहिभामिनी।।
English explanation
Jasmine buds, pomegranates, lightning, lotuses, the autumn moon, and a female serpent also belong to this list of comparisons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंद | कुंद फूल की | of jasmine |
| कली | कलियाँ | buds |
| दाड़िम | अनार | pomegranate |
| दामिनी | बिजली | lightning |
| कमल | कमल | lotus |
| सरद | शरद ऋतु का | of autumn |
| ससि | चंद्रमा | moon |
| अहिभामिनी | सर्पिणी | female serpent |
2 बरुन पास मनोज धनु हंसा। गज केहरि निज सुनत प्रसंसा।।
English explanation
Varuna’s noose, the love-god’s bow, swans, elephants, and lions hear their own praise; the statement continues in the next line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरुन | वरुण देवता का | of the god Varuna |
| पास | पाश; फंदा | noose |
| मनोज | कामदेव का | of the god of love |
| धनु | धनुष | bow |
| हंसा | हंस | swans |
| गज | हाथी | elephants |
| केहरि | सिंह | lions |
| निज | अपनी | their own |
| सुनत | सुनते हुए | hearing |
| प्रसंसा | प्रशंसा | praise |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 661
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका विलाप, जटायुका प्रसंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 660, 662
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।