अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अरुण नयन राजीव सुवेशं। सीता नयन चकोर निशेशं।।
मूल पाठ
अरुण नयन राजीव सुवेशं। सीता नयन चकोर निशेशं।।
हर ह्रदि मानस बाल मरालं। नौमि राम उर बाहु विशालं।।
स्रोत अभिलेख 3.11 · पुस्तक पृ. 633, 635
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे लाल कमलके समान नेत्र और सुन्दर वेषवाले! सीताजीके नेत्ररूपी चकोरके चन्द्रमा, शिवजीके हृदयरूपी मानसरोवरके बालहंस, विशाल हृदय और भुजावाले श्रीरामचन्द्रजी! मैं आपको नमस्कार करता हूँ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 633 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अरुण नयन राजीव सुवेशं। सीता नयन चकोर निशेशं।।
English explanation
Your reddish eyes are lotus-like and your attire is beautiful; you are the moon to Sita’s chakora-like eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अरुण | लालिमायुक्त | reddish |
| नयन | नेत्र | eyes |
| राजीव | कमल जैसे | lotus-like |
| सुवेशं | सुंदर वेश वाले | beautifully attired |
| सीता | सीता के | Sita’s |
| नयन | नेत्र रूपी | eyes pictured as |
| चकोर | चकोर पक्षियों के लिए | to chakora birds |
| निशेशं | चंद्रमा | the moon |
2 हर ह्रदि मानस बाल मरालं। नौमि राम उर बाहु विशालं।।
English explanation
I bow to Rama, the young swan in the lake of Shiva’s heart, whose chest and arms are vast.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हर | शिव के | Shiva’s |
| ह्रदि | हृदय में | in the heart |
| मानस | मानसरोवर रूपी सरोवर | a lake like Manasa |
| बाल | युवा | young |
| मरालं | हंस | swan |
| नौमि | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow to |
| राम | श्रीराम को | Rama |
| उर | वक्षस्थल | chest |
| बाहु | भुजाएँ | arms |
| विशालं | विशाल वाले | having vast |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 633
- सहायक विषय
- सुतीक्ष्णजीका प्रेम, अगस्त्य-मिलन, अगस्त्य-संवाद, रामका दण्डक-वन-प्रवेश और जटायु-मिलन
- मुद्रित पृष्ठ
- 633, 635
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।