उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आए भरत संग सब लोगा। कृस तन श्रीरघुबीर बियोगा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभरतजीके साथ सब लोग आये। श्रीरघुवीरके वियोगसे सबके शरीर दुबले हो रहे हैं। प्रभुने वामदेव, वसिष्ठ आदि मुनिश्रेष्ठोंको देखा, तो उन्होंने धनुष-बाण पृथ्वीपर रखकर—॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 911 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
आए भरत संग सब लोगा। कृस तन श्रीरघुबीर बियोगा।।
बामदेव बसिष्ठ मुनिनायक। देखे प्रभु महि धरि धनु सायक।।
स्रोत अभिलेख 7.5 · पुस्तक पृ. 911, 912
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आए भरत संग सब लोगा। कृस तन श्रीरघुबीर बियोगा।।
English explanation
AI-generated draft: Everyone came with Bharata; their bodies had grown thin through separation from Lord Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आए | आए | came |
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| संग | के साथ | with |
| सब | सभी | all |
| लोगा | लोग | people |
| कृस | दुबले | emaciated |
| तन | शरीर | bodies |
| श्रीरघुबीर | श्रीराम के | from Lord Rama |
| बियोगा | वियोग में | in separation |
2 बामदेव बसिष्ठ मुनिनायक। देखे प्रभु महि धरि धनु सायक।।
English explanation
Lord Rama saw Vamadeva and Vashishtha, foremost among sages, and laid his bow and arrows on the ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बामदेव | ऋषि वामदेव | the sage Vamadeva |
| बसिष्ठ | ऋषि वसिष्ठ | the sage Vashishtha |
| मुनिनायक | मुनियों के प्रमुख | foremost among sages |
| देखे | देखा | saw |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| महि | पृथ्वी पर | on the ground |
| धरि | रखकर | having placed |
| धनु | धनुष | bow |
| सायक | बाण | arrows |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 911
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 911, 912
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।