सुन्दरकाण्ड · दोहा 29 · दोहा/सोरठा
प्रीति सहित सब भेटे रघुपति करुना पुंज।
प्रीति सहित सब भेटे रघुपति करुना पुंज।
पूँछी कुसल नाथ अब कुसल देखि पद कंज।।29।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.29 · पुस्तक पृ. 740, 740
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1प्रीति सहित सब भेटे रघुपति करुना पुंज।
करुणा के पुंज राम सबसे प्रेमपूर्वक मिले।
English explanation
Rama, the embodiment of compassion, greeted them all affectionately.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रीति | प्रेम | affection |
| सहित | के साथ | with |
| सब | सबसे | everyone |
| भेटे | मिले | greeted |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| करुना | करुणा के | of compassion |
| पुंज | पुंज, मूर्त स्वरूप | embodiment |
2 पूँछी कुसल नाथ अब कुसल देखि पद कंज।।29।।
राम ने कुशल पूछी। उन्होंने कहा, ‘स्वामी, आपके चरणकमल देखकर अब हम कुशल हैं।’
English explanation
Rama asked about their well-being. They replied, ‘Lord, now that we have seen your lotus feet, we are well.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूँछी | पूछी | asked |
| कुसल | कुशल-क्षेम | well-being |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| अब | अब | now |
| कुसल | हम कुशल हैं | we are well |
| देखि | देखकर | having seen |
| पद | आपके चरण | your feet |
| कंज | कमल | lotuses |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 29
- स्रोत अभिलेख
- 5.29
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 740, 740
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।