सुन्दरकाण्ड · दोहा 28 · दोहा/सोरठा
जाइ पुकारे ते सब बन उजार जुबराज।
जाइ पुकारे ते सब बन उजार जुबराज।
सुनि सुग्रीव हरष कपि करि आए प्रभु काज।।28।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.28 · पुस्तक पृ. 739, 740
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1जाइ पुकारे ते सब बन उजार जुबराज।
वे सभी जाकर शिकायत करने लगे कि युवराज अंगद ने उपवन उजाड़ दिया है।
English explanation
They all went and complained that Crown Prince Angada had laid waste to the grove.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | जाकर | having gone |
| पुकारे | पुकारकर शिकायत की | cried out in complaint |
| ते | वे रखवाले | those guards |
| सब | सभी | all |
| बन | उपवन | the grove |
| उजार | उजाड़ दिया | laid waste to |
| जुबराज | युवराज अंगद ने | Crown Prince Angada |
2 सुनि सुग्रीव हरष कपि करि आए प्रभु काज।।28।।
यह सुनकर सुग्रीव प्रसन्न हुए कि वानर प्रभु राम का कार्य पूरा करके लौट आए हैं।
English explanation
Hearing this, Sugriva rejoiced, understanding that the monkeys had returned after accomplishing Lord Rama’s task.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | on hearing this |
| सुग्रीव | वानरराज सुग्रीव | Sugriva, king of the monkeys |
| हरष | हर्षित हुए | rejoiced |
| कपि | वानर | the monkeys |
| करि | पूरा करके | having accomplished |
| आए | लौट आए | returned |
| प्रभु | प्रभु राम का | of Lord Rama |
| काज | कार्य | task |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 28
- स्रोत अभिलेख
- 5.28
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 739, 740
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।