सुन्दरकाण्ड · दोहा 24 · दोहा/सोरठा
कपि कें ममता पूँछ पर सबहि कहउँ समुझाइ।
कपि कें ममता पूँछ पर सबहि कहउँ समुझाइ।
तेल बोरि पट बाँधि पुनि पावक देहु लगाइ।।24।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.24 · पुस्तक पृ. 736, 736
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1कपि कें ममता पूँछ पर सबहि कहउँ समुझाइ।
‘वानर को अपनी पूँछ से ममता होती है; मैं यह बात सभी को समझाकर कहता हूँ।’
English explanation
‘A monkey is attached to his tail; I explain this to you all.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपि | वानर | a monkey |
| कें | को | has |
| ममता | लगाव | attachment |
| पूँछ | पूँछ | tail |
| पर | से | to |
| सबहि | सभी को | to everyone |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| समुझाइ | समझाकर | explaining |
2 तेल बोरि पट बाँधि पुनि पावक देहु लगाइ।।24।।
‘कपड़ा तेल में भिगोकर उसकी पूँछ पर बाँधो, फिर आग लगा दो।’
English explanation
‘Soak cloth in oil, bind it around his tail, and then set it on fire.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेल | तेल में | in oil |
| बोरि | भिगोकर | soaking |
| पट | कपड़ा | cloth |
| बाँधि | बाँधकर | binding |
| पुनि | फिर | then |
| पावक | आग | fire |
| देहु | लगा दो | apply |
| लगाइ | लगाकर | setting alight |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 24
- स्रोत अभिलेख
- 5.24
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 736, 736
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।