सुन्दरकाण्ड · दोहा 9 · दोहा/सोरठा
आपुहि सुनि खद्योत सम रामहि भानु समान।
आपुहि सुनि खद्योत सम रामहि भानु समान।
परुष बचन सुनि काढ़ि असि बोला अति खिसिआन।।9।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.9 · पुस्तक पृ. 722, 723
भावार्थ और शब्दार्थ
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1 आपुहि सुनि खद्योत सम रामहि भानु समान।
अपने को जुगनू के समान और राम को सूर्य के समान बताए जाते सुनकर…
English explanation
Hearing himself likened to a firefly and Rama to the sun…
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आपुहि | अपने को | himself |
| सुनि | सुनकर | hearing |
| खद्योत | जुगनू | firefly |
| सम | के समान | like |
| रामहि | राम को | Rama |
| भानु | सूर्य | sun |
| समान | के समान | like |
2 परुष बचन सुनि काढ़ि असि बोला अति खिसिआन।।9।।
इन कठोर वचनों को सुनकर रावण ने तलवार खींची और अत्यंत खीझकर बोला।
English explanation
Hearing these harsh words, Ravana drew his sword and spoke in great vexation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परुष | कठोर | harsh |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| काढ़ि | निकालकर; खींचकर | having drawn |
| असि | तलवार | sword |
| बोला | बोला | spoke |
| अति | अत्यंत | greatly |
| खिसिआन | खीझा हुआ; क्रुद्ध | vexed; enraged |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 9
- स्रोत अभिलेख
- 5.9
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दु:खी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 722, 723
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।