सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हरषे सब बिलोकि हनुमाना। नूतन जन्म कपिन्ह तब जाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहनुमान्जीको देखकर सब हॢषत हो गये और तब वानरोंने अपना नया जन्म समझा। हनुमान्जीका मुख प्रसन्न है और शरीरमें तेज विराजमान है, [जिससे उन्होंने समझ लिया कि] ये श्रीरामचन्द्रजीका कार्य कर आये हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 739 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हरषे सब बिलोकि हनुमाना। नूतन जन्म कपिन्ह तब जाना।।
मुख प्रसन्न तन तेज बिराजा। कीन्हेसि रामचन्द्र कर काजा।।
स्रोत अभिलेख 5.28 · पुस्तक पृ. 739, 740
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 हरषे सब बिलोकि हनुमाना। नूतन जन्म कपिन्ह तब जाना।।
English explanation
All rejoiced on seeing Hanuman; the monkeys then felt as though they had received a new life.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषे | हर्षित हुए | rejoiced |
| सब | सभी | all |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| हनुमाना | हनुमान को | Hanuman, Rama’s messenger |
| नूतन | नया | new |
| जन्म | जन्म | birth |
| कपिन्ह | वानरों ने | the monkeys |
| तब | तब | then |
| जाना | अनुभव किया | felt they had received |
2 मुख प्रसन्न तन तेज बिराजा। कीन्हेसि रामचन्द्र कर काजा।।
English explanation
Hanuman’s face was joyful and his body shone with radiance; he had accomplished Ramachandra’s task.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुख | मुख | face |
| प्रसन्न | प्रसन्न | joyful |
| तन | शरीर पर | on his body |
| तेज | तेज | radiance |
| बिराजा | शोभित था | shone |
| कीन्हेसि | उन्होंने पूरा किया | he accomplished |
| रामचन्द्र | भगवान रामचन्द्र | Ramachandra, Rama |
| कर | का | of |
| काजा | कार्य | task |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 739
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 739, 740
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।