सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चलत महाधुनि गर्जेसि भारी। गर्भ स्त्रवहिं सुनि निसिचर नारी।।
मूल पाठ
चलत महाधुनि गर्जेसि भारी। गर्भ स्त्रवहिं सुनि निसिचर नारी।।
नाघि सिंधु एहि पारहि आवा। सबद किलकिला कपिन्ह सुनावा।।
स्रोत अभिलेख 5.28 · पुस्तक पृ. 739, 740
भावार्थ
मूल पाठ के बादचलते समय उन्होंने महाध्वनिसे भारी गर्जन किया, जिसे सुनकर राक्षसोंकी स्त्रियोंके गर्भ गिरने लगे। समुद्र लाँघकर वे इस पार आये और उन्होंने वानरोंको किलकिला शब्द (हर्षध्वनि) सुनाया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 739 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 चलत महाधुनि गर्जेसि भारी। गर्भ स्त्रवहिं सुनि निसिचर नारी।।
English explanation
AI draft: As Hanuman departed, he gave a tremendous, thunderous roar. Hearing it, the demon women suffered miscarriages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलत | चलते समय | while departing |
| महाधुनि | अत्यंत ऊँची ध्वनि से | with a tremendous sound |
| गर्जेसि | उन्होंने गर्जना की | he roared |
| भारी | प्रचंड | mighty |
| गर्भ | गर्भ | pregnancies |
| स्त्रवहिं | गिरने लगे | were miscarried |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| निसिचर | राक्षसों की | of the demons |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 नाघि सिंधु एहि पारहि आवा। सबद किलकिला कपिन्ह सुनावा।।
English explanation
Hanuman crossed the ocean and reached this shore, letting the monkeys hear his jubilant cry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाघि | लाँघकर | having crossed |
| सिंधु | समुद्र | the ocean |
| एहि | इस | this |
| पारहि | पार पर | on the shore |
| आवा | आए | he arrived |
| सबद | ध्वनि | sound |
| किलकिला | आनंद की किलकारी | a jubilant cry |
| कपिन्ह | वानरों को | to the monkeys |
| सुनावा | सुनाई | made heard |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 739
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 739, 740
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।