सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मिले सकल अति भए सुखारी। तलफत मीन पाव जिमि बारी।।
मूल पाठ
मिले सकल अति भए सुखारी। तलफत मीन पाव जिमि बारी।।
चले हरषि रघुनायक पासा। पूँछत कहत नवल इतिहासा।।
स्रोत अभिलेख 5.28 · पुस्तक पृ. 739, 740
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब हनुमान्जीसे मिले और बहुत ही सुखी हुए, जैसे तड़पती हुई मछलीको जल मिल गया हो। सब हॢषत होकर नये-नये इतिहास (वृत्तान्त) पूछते-कहते हुए श्रीरघुनाथजीके पास चले॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 739 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मिले सकल अति भए सुखारी। तलफत मीन पाव जिमि बारी।।
English explanation
They all met Hanuman and became overjoyed, like a fish in distress finding water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मिले | मिले | met him |
| सकल | सभी | all |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| भए | हो गए | became |
| सुखारी | सुखी | happy |
| तलफत | तड़पती हुई | struggling in distress |
| मीन | मछली | a fish |
| पाव | पा जाए | finds |
| जिमि | जैसे | just as |
| बारी | जल | water |
2 चले हरषि रघुनायक पासा। पूँछत कहत नवल इतिहासा।।
English explanation
They joyfully set out for Rama, asking about and recounting the recent events as they went.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चल पड़े | set out |
| हरषि | आनंदित होकर | joyfully |
| रघुनायक | रघुवंश के नायक राम के | of Rama, leader of Raghu’s lineage |
| पासा | पास | toward his presence |
| पूँछत | पूछते हुए | asking |
| कहत | बताते हुए | recounting |
| नवल | नया | recent |
| इतिहासा | घटनाओं का वृत्तांत | account of events |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 739
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 739, 740
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।