सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोइ रावन कहुँ बनि सहाई। अस्तुति करहिं सुनाइ सुनाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरावणके लिये भी वही सहायता (संयोग) आ बनी है। मन्त्री उसे सुना-सुनाकर (मुँहपर) स्तुति करते हैं। [इसी समय] अवसर जानकर विभीषणजी आये। उन्होंने बड़े भाईके चरणोंमें सिर नवाया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 748 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सोइ रावन कहुँ बनि सहाई। अस्तुति करहिं सुनाइ सुनाई।।
अवसर जानि बिभीषनु आवा। भ्राता चरन सीसु तेहिं नावा।।
स्रोत अभिलेख 5.38 · पुस्तक पृ. 748, 749
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सोइ रावन कहुँ बनि सहाई। अस्तुति करहिं सुनाइ सुनाई।।
English explanation
AI-generated interpretation draft: Those same people act as Ravana’s supporters and repeatedly voice praises for him to hear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही लोग | those same people |
| रावन | रावण | Ravana, king of Lanka |
| कहुँ | के लिए; के | for; to |
| बनि | बनकर | acting as |
| सहाई | सहायक | supporters |
| अस्तुति | प्रशंसा | praise |
| करहिं | करते हैं | offer; make |
| सुनाइ | सुनाकर | making him hear |
| सुनाई | बार-बार सुनाकर | repeatedly making him hear |
2 अवसर जानि बिभीषनु आवा। भ्राता चरन सीसु तेहिं नावा।।
English explanation
Recognizing the right moment, Vibhishana came and bowed his head at his brother’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवसर | उचित अवसर | the right moment |
| जानि | जानकर | recognizing |
| बिभीषनु | विभीषण, रावण का भाई | Vibhishana, Ravana’s brother |
| आवा | आया | came |
| भ्राता | भाई के | his brother’s |
| चरन | चरणों में | at the feet |
| सीसु | सिर | head |
| तेहिं | उसने | he |
| नावा | झुकाया | bowed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 748
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 748, 749
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।