सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोइ बिजई बिनई गुन सागर। तासु सुजसु त्रेलोक उजागर।।
मूल पाठ
सोइ बिजई बिनई गुन सागर। तासु सुजसु त्रेलोक उजागर।।
प्रभु कीं कृपा भयउ सबु काजू। जन्म हमार सुफल भा आजू।।
स्रोत अभिलेख 5.3 · पुस्तक पृ. 741, 741
भावार्थ
मूल पाठ के बादवही विजयी है, वही विनयी है और वही गुणोंका समुद्र बन जाता है। उसीका सुन्दर यश तीनों लोकोंमें प्रकाशित होता है। प्रभुकी कृपासे सब कार्य हुआ। आज हमारा जन्म सफल हो गया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 741 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सोइ बिजई बिनई गुन सागर। तासु सुजसु त्रेलोक उजागर।।
English explanation
That person is victorious, humble, and an ocean of virtues; their good fame shines throughout the three worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोइ | वही | that very person |
| बिजई | विजयी | victorious |
| बिनई | विनयी, नम्र | humble |
| गुन | गुणों का | of virtues |
| सागर | समुद्र | an ocean |
| तासु | उसकी | their |
| सुजसु | सुकीर्ति, अच्छा यश | good fame |
| त्रेलोक | तीनों लोकों में | in the three worlds |
| उजागर | प्रकाशित, प्रसिद्ध | shining forth, renowned |
2 प्रभु कीं कृपा भयउ सबु काजू। जन्म हमार सुफल भा आजू।।
English explanation
Lord, you bestowed your grace, and all the work was accomplished; today our birth has become fruitful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | हे प्रभु राम | O Lord Rama |
| कीं | की, आपने की | bestowed |
| कृपा | कृपा | grace |
| भयउ | हो गया, संपन्न हुआ | was accomplished |
| सबु | सारा | all |
| काजू | कार्य | work |
| जन्म | जन्म, जीवन | birth, life |
| हमार | हमारा | our |
| सुफल | सफल, सार्थक | fruitful, fulfilled |
| भा | हो गया | has become |
| आजू | आज | today |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 741
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 741, 741
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।